खेत तलाई

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फार्म पौण्‍ड (खेत तलाई)

  • (राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना)
  • वर्षा जल संग्रहण हेतु समस्‍त जिलों के कृषको के लिये फार्म पौण्ड (खेत तलाई) निर्माण महत्वपूर्ण एवं उपयोगी कार्य है।

देय अनुदान :-

  • सभी श्रेणी के कृषकों को लागत का 60 प्रतिशत (लागत का 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य मद से देय है) अथवा अधिकतम राशि रूपये 63000/- कच्‍चे फार्म पौण्‍ड पर तथा राशि रूपये 90,000/- प्‍लास्टिक लाइनिंग कार्य के साथ (300 माईक्रोन, बी आई एस मापदण्‍ड के अनुसार हो) जो भी कम हो, अनुदान देय होगा।

पात्रता :-

  • कृषक के नाम पर भूमि का न्यूनतम कृषि योग्य जोत भूमि आधा हैक्टेयर का स्वामित्व हो।

आवेदन प्रक्रिया :-

          कियोस्‍क के माध्‍यम से -
  • कृषक नजदीकी नागरिक सेवा केन्द्र/ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन करा सकेगा।
  • हस्ताक्षरयुक्त मूल आवेदन को भरकर मय दस्तावेज कियोस्क पर जमा कराये जाने के साथ रसीद प्राप्‍त करेगा।
  • आवेदक मूल आवेदन पत्र को ऑन-लाईन ई-प्रपत्र (e-Form) में भरेगा एवं आवश्यक दस्तावेज को स्केन कर अपलोड (Scan & Upload) करवायेगा।
         स्‍वयं द्वारा आवेदन –
  • आवेदक मूल आवेदन पत्र को ऑन-लाईन ई-प्रपत्र (e-Form) में भरेगा एवं आवश्यक दस्तावेज को स्केन कर अपलोड (Scan & Upload)करेगा।
  • आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किये जाने की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त कर सकेगा।
  • आवेदक मूल दस्तावेजों को स्वयं अथवा डाक के माध्यम से संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय में भिजवायेगा जिसकी प्राप्ति रसीद विभाग के कार्यालय से द्वारा दी जायेगी।
  • आवेदन पत्र के साथ आवश्‍यक दस्‍तावेज- आधार कार्ड/ भामाशाह कार्ड, जमाबंदी की नकल (छः माह से अधिक पुरानी नही हो) तथा सादा पेपर पर शपथ पत्र कि मेरे पास कुल सिंचित एवं असिंचित भूमि है।
  • संयुक्त खातेदार की स्थिति में सह खातेदार आपसी सहमति के आधार पर प्रति कृषक हिस्सा एक हैक्टेयर से अधिक होने पर ही एक ही खसरे में अलग-अलग फार्म पौण्ड बनाने पर अनुदान के हकदार होगे।

समय अवधि :-

  • कार्य पूर्ण होने के उपरान्‍त 30 दिवस मे निस्‍तारण करना होगा।

लाभ प्राप्ति का स्‍त्रोत :-

  • जिला स्‍तरीय संबंधित कृषि कार्यालय।

कहां सम्पर्क करें :-

  • ग्राम पंचायत स्तर पर :- कृषि पर्यवेक्षक
  • पंचायत समिति स्तर पर :- सहायक कृषि अधिकारी
  • उप जिला स्तर पर :- सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) / उद्यान कृषि अधिकारी।
  • जिला स्तर पर :- उप निदेशक कृषि (विस्तार) / उपनिदेशक उद्यान।