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राजस्‍थान राज्‍य भण्‍डारव्‍यवस्‍था निगम

(सरकार का प्रतिंष्‍ठान)

प्रधान कार्यालय, भवानी सिंह मार्ग, जयपुर

पी.ई.जी. 2008

भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम के खाद्यान्‍नों को संग्रहित करने हेतु राजस्‍थान राज्‍य को पी.ई.जी 2008 योजना के अंतर्गत 2.50 लाख मै.टन गोदाम निर्माण प्राईवेट निवेशको के माध्‍यम से कराए जाने हेतु स्‍वीक़ति प्राप्‍त हुई है जिसका मुख्‍य उदेश्‍य खाद्यान्‍नों के संग्रहण हेतु वर्तमान में देश में भण्‍डारण क्षमता की कमी की पूर्ति करना है।

इस योजना के सफल क्रियान्‍वयन हेतु राजस्‍थान राज्‍य भण्‍डारव्‍यवस्‍था निगम को भारत सरकार द्वारा नोडल एजेन्‍सी बनाया गया है। इस योजना में निजी निवेशकों द्वारा अपनी भूमि पर निर्दिष्‍ट स्‍थानों पर भारतीय खाद्य निगम के स्‍पेशीफिकेशन एवं निर्देशों के अनुसार स्‍वंय के खर्चे पर गोदाम निर्माण कराया जाएगा जिसे भारतीय खाद्य निगम द्वारा 10 वर्ष के लिए गारण्‍टी पर किराये पर लिया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत 45,000 मै.टन भण्‍डारण क्षमता के गोदामों का निर्माण इस निगम द्वारा किया जाएगा एवं 2,05,000 मै.टन भण्‍डारण क्षमता के गोदामों का निर्माण निम्‍नलिखित स्‍थानों पर निजी निवेशकों से कराये जाने हेतु निगम द्वारा 2.05 लाख टन की निविदाएं स्‍वीक़त कर कार्यादेश जारी किये जा चुके है। उक्‍त में से 15,000 मै.टन जालौर की भण्‍डारण क्षमता को भारतीय खाद्य निगम द्वारा दिनांक 09.04.2015 की स्‍टेट लेवल कमेटी में निरस्‍त किया गया है।

क्र.सं.

भा.खा.नि. जिला

रेवेन्‍यू जिला

भण्‍डारण क्षमता (मै.टन)

1.

पाली

पाली  

* 5000     

2.

भीलवाडा     

भीलवाडा

**25000

3

चूरू

चूरू

*18000

4

बाडमेर

बाडमेर

***15000

5

झालावाड

झालावाड

*7500

6

सिरोही

सिरोही

***12000

7

प्रतापगढ

प्रतापगढ

*17500

8

बांसवाडा

बांसवाडा

*10000

9

डूंगरपुर

डूंगरपुर

**40000

10

राजसंमद

राजसंमद

***40000

 

 

योग -

190000

* 50500 मै.टन भण्‍डारण क्षमता को गांरटी आधार पर टेक ऑवर किया जा चुका है।

      ** 72500 मै.टन की भण्‍डारण क्षमता के गोदाम भारतीय खाद्य निगम को AUB पर        हस्‍ता‍न्‍तरित कर दिये गये है।

*** राजसंमद 40000 मै.टन, सिरोही 12000 मै.टन एवं बाडमेर 15000 मै.टन कुल      67000 मै.टन भण्‍डारण क्षमता की निवेशक द्वारा देरी से निर्माण होने के कारण भारतीय   खाद्य निगम द्वारा निरस्‍त कर दिया गया है।

पी.ई.जी. योजना 2008 के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम की गांरटी योजना के अधीन निगम द्वारा 45000 मै.टन गोदाम निर्माण कराने जाने का निर्णय लिया गया है। निम्‍न गोदाम का निर्माण निगम अपनी स्‍वंय की भूमि पर कर रहा है।

क्रं.सं.

भण्‍डारगृह का नाम

भण्‍डारण क्षमता (मै.टन)

1.

बाडमेर

* 5000     

2.

जालौर

* 5000

3.

बांसवाडा

* 5000     

4.

हिण्‍डौनसिटी

* 5000     

5.

भवानीमण्‍डी

* 5000

6.

करौली

**5000     

7.

हिण्‍डौनसिटी

* 15000

 

कुल योग :

    45000

 

* 40000 मै.टन की भण्‍डारण क्षमता के गोदाम भारतीय खाद्य निगम को हस्‍तान्‍तरित    कर दिये गये है।

      ** 5000 मै.टन की भण्‍डारण क्षमता की टेक ओवर की कार्यवाही करने हेतु भारतीय       खाद्य निगम को आफर किया हुआ है।