उद्देश्य:-

 
  • किसानों को उनकी उपज का उचित एवं प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य दिलाना ।
  • कृषकों को अवैध कटौतियों से मुक्ति दिलाना ।
  • मंडी प्रांगणों में कृषकों को विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराना ।
  • कृषि विपणन संबंधी आधारभूत ढ़ाचें को सुदृढ़ करना ।
  • विशिष्ट —सी जिन्सों के विपणन के प्रोत्साहन पर ध्यान केंद्रित करना ।
  • ऐसी मंडियों के आधारभूत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण ।
  • किसानों को यार्डों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना ।
  • पड़ौसी राज्यों से क्रेताओं को आकर्षित करना ।
  • सफार्इ, छनार्इ, ग्रेडिंग, पैकिंग व प्रसंस्करण संबंधी औधोगिक इकार्इयों को प्रोत्साहन ।
 

जिन्स विशिष्ट मंडियों की स्थापना

 
  • “जहां उत्पादन वहां विपणन” के सिद्धान्त के आधार पर 20 विशिष्ठ मंडियों की स्थापना ।
 

विशिष्ट मंडियां

 
क्र.स. नाम मुख्य / गौण मंडी जिन्स का नाम क्र.स. नाम मुख्य / गौण मंडी जिन्स का नाम
1 मेड़ता सिटी जीरा 13 चौमू आवंला
2 जोधपुर जीरा 14 शाहपुरा-जयपुर (फ.स.) टिण्‍डा
3 बाडमेर
जीरा 15 बस्सी-जयपुर (फ.स.) टमाटर
4 टोंक मिर्च 16 छीपाबडौद-छबड़ा लहसुन
5 अलवर प्याज 17 सोजत सिटी-सोजतरोड़ सोनामुखी
6 श्रीगंगानगर (फ.स.)
किन्नू 18 सोजतसिटी-सोजतरोड़ मेंहन्दी
7 सवार्इ माधोपुर अमरूद 19 भीनमाल र्इसबगोल
8 रामगंज मंडी धनियां 20
झालरापाटन अश्वगंधा
9 अजमेर (फ.स.)
फूल 21
बीकानेर (अनाज) मूंगफली
10 पुष्कर-अजमेर (फ.स.) फूल 22
बसेडी- जयपुर (फ.स) मटर
11 कपासन
अजवाईन
23
उदयपुर (अनाज)
वन उपज
12 भवानी मंडी संतरा

 
 
 

विशिष्ट मंडियां

 
  • मंडी प्रांगणों में भूखण्ड दुकान आवंटन हेतु आवंटन नीति दिनांक 25.4.2005 से प्रभावी ।
  • प्रथम चरण में रियायती दर पर भूखण्ड आवंटन का प्रावधान- भूखण्ड अहस्तान्तरणीय ।
  • द्वितीय व अग्रिम चरणों का आवंटन डी.एल.सी. की 50 : दर पर ।
  • आवंटन 99 वर्षीय लीज पर, आवंटित दुकान भूखण्ड की छत का अधिकार आवंटी का ।
  • कुल उपलब्ध फुटकर दुकान भूखण्डों में से 30 : अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग हेतु आरक्षित कर आवंटन का प्रावधान एवं 3 : निशक्तजनों के लिए आरक्षण ।
  • पूर्व में किराये पर दी हुर्इ दुकानों को लीज में परिवर्तन का प्रावधान ।
  • मासिक किराये पर आवंटित दुकान को लीज में परिवर्तन कराये जाने पर निर्माण लागत में भूमि की कीमत दिनांक 1.4.2007 को प्रभावी डी.एल.सी.दर का 25: शामिल करते हुए परिवर्तन का प्रावधान है।
  • मासिक किराये पर आवंटित दुकान को लीज में परिवर्तन नहीं कराये जाने पर देय किराये में दिनांक 1.4.2008 से प्रतिवर्ष 5 : की दर से बढोत्तरी का प्रावधान
  • मंडी यार्डों में उपलब्ध दुकान भूखण्डों में से 20: दुकान महिला कृषकों के लिए आवंटन हेतु आरक्षित इनमें से 30 : भूखण्ड अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग की महिलाओं हेतु आवंटन का प्रावधान । उक्त आरक्षित दुकानों भूखण्डों में से 5 प्रतिशत दुकान भूखण्ड विधवा महिला कृषकों (व्द भ्वतप्रवदजंस ठेंपे) हेतु आरक्षित किये जाकर आवंटित किये जा सकेगे।
  • जिन्स विशिष्ठ मंडी प्रांगणों में लाटरी प्रक्रिया से डी.एल.सी. की 50 : दर पर भूखण्ड आवंटन का प्रावधान कुल उपलब्ध भूखण्डों में से 25 : भूखण्ड कृषि जिन्सों के निर्यातकों, राज्य से बाहर के व्यवसायी, जिन्स विशिष्ठ की मूल्य संबंधी औधोगिक र्इकार्इ व उत्पादों के सीधे निर्यातकों हेतू भूखण्ड आरक्षित कर आवंटन का प्रावधान ।
  • कोल्ड स्टोरेज, —षि आधारित औधोगिक इकार्इ, पेट्रोल पम्प व बड़े —षि संबंधी व्यावसायिक शोरूम के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान।
  • मंडी की चारदिवारी पर गैर विज्ञप्त कृषि जिन्सों के व्यवसाय हेतु वाणिजियक भूखण्डों का निलामी द्वारा निस्तारण का प्रावधान ।
  • मंडी प्रांगणों में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला कृषि विभाग द्वारा संचालित नहीं है उन मंडी प्रांगणों में सहकारी क्षेत्र में आयल टेसिटग लैब स्थापित किये जाने हेतु 15' ग 20' का भूखण्ड नि:शुल्क आवंटित किया जावेगा। कृषकों की कृषि उपज का आयल टेसिटग निशुल्क किया जायेगा । 30 रूपये प्रति सैम्पल तक पर परीक्षण शुल्क उक्त सहकारी आयल टेसिटग लैब को मासिक रूप से उनके द्वारा किये गये परीक्षणों का पुनर्भरण संबंधित कृषि उपज मंडी समिति द्वारा संबंधित सहकारी संस्था को किया जायेगा।
  • क्रय विक्रय सहकारी समितियों तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों को दुकानगोदाम हेतु भूखण्ड डी.एल.सी. की 25 प्रतिशत दर पर एवं निर्मित दुकानगोदाम का आवंटन संबंधित मंडी समिति में जिस दर पर प्रथम चरण का आवंटन किया गया था। उस दर पर आवंटन किया जावेगा।
  • मंडी समितियों गौण मंडी प्रांगणों में सिथर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं एवं किसान सेवा केन्द्रों कार्यालयों एवं इसी प्रकृति के अन्य भवनों हेतु 400 वर्गगत भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गर्इ है।
  • राजस्थान राज्य बीज निगम एवं राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण संस्था को मंडी प्रांगणों में डी.एल.सी. दर पर भूखण्ड आवंटन किया जावेगा ।