FPO Training

कृषक उत्पादन कम्पनी निदेषकों का पाँच दिवसीय आवासीय प्रषिक्षण सम्पन्नः-

राजस्थाान कृषि प्रतिस्पर्धातम्क परियोजना (त्।ब्च्) के तत्वधान में कृषि व्यवसाय सलाहकार - ग्राँट थारर्टन द्वारा त्।ब्च् क्षेत्र के सात क्लस्टर्स के दस कृषि उत्पादन कम्पनी के निदेषक मंडलों का पाँच दिवसीय आवासीय प्रषिक्षण त्प्ब्म्ड जयपुर में आज 22.01.18 को सम्पन्न किया गया।

प्रषिक्षण के दौरान उक्त दस कृषि उत्पादन कम्पनियों के 75 निदेषक मंडल के सदस्यों को प्रषिक्षण में कृषि उत्पादन कम्पनी के उद्देष्य, गठन-प्रक्रिया, गठन पश्चात् वैधानिक व्यवस्थायें, क्षेत्र की कृषि उद्यानिकी एवं पशु-पालन संबंधी संसाधन की मैपिंग तथा विभिन्न उत्पादों की मूल्य श्रंृखला, उक्त उत्पादों की प्रसंसकरण संभावनाओं, आदि पर विस्तृत प्रषिक्षण प्रदान किया गया। कृषि उत्पादन कम्पनी की सफलतापूर्णक क्रियांवन हेतु प्रतिभागियों को वैकल्पिक बिज़नेस प्लान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाकर प्रतिभागियों के स्तर पर स्वयं ही बिज़नेस प्लान स्वयं ही तैयार करने का सफलतापूर्वक अभ्यास कराया गया जिसका प्रत्येक निदेषक समूह द्वारा प्रतिभागियों के समक्ष अलग-अलग प्रस्तुतिकरण भी प्रस्तुत किया गया। प्रषिक्षण के दौरान निदेषक मंडल सदस्यों का महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक कार्यरत किसान उत्पादन कम्पनी के प्रतिनिधियों से रूबरू किया जाकर इस कार्य पर दोनों पक्षों द्वारा विस्तृत व्यवसायिक विचार-विमर्ष किया गया। प्रषिक्षण के दौरान निदेषक मंडल सदस्यों का जमुआ रामगढ़ कृषक उत्पादक कम्पनी जो कि इस क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रही है, का भ्रमण करवाया गया तथा उनके द्वारा किये जा रहे कृषि व्यापार की बारीकियों का अध्ययन कराया गया।

निदेषक मंडल सदस्यों द्वारा कम्पनी शेयर धारक कृषकों को चिन्हिकरण किया जाकर अवगत कराया गया कि आगामी एक माह के दौरान उनके द्वारा अपने कृषक समूह के करीब चार-पाँच हजार कृषकों को जोड़ा जाकर प्रत्येक कृषि उत्पादन कम्पनी द्वारा पाँच से दस लाख रूपये की प्रारंभिक शेयर-राषि-एकत्र कर के व्यवसायिक गतिविधि प्रारंभ करने की कार्यवाही की जायेगी।

कृषि उत्पादन कम्पनी द्वारा मुख्य रूप से विभिन्न व्यवसायों में आदान यथा खाद-बीज-दवाइयों का विपणन, कृषि उत्पाद का एकत्रीकरण-सफाई एवं ग्रेडिंग, किन्नू एवं लहसून जैसी फसलों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन संबंधी इकाइयाँ स्थापित करना, कृषि यंत्रिकरण संबंधी ’’कस्टम-हायरिंग’’ सेंटर, बकरा  बकरी का विपणन बकरी के दुग्ध उत्पादों का प्रसंस्करण यथा बकरी दुध का चीज (ब्ीममेम) बनाने की इकाई, छब्क्म्ग् के साथ जुड़ाव कर के कृषि-जींस कोमोडिटी का भविष्य व्यापार, स्थापित करना, प्रसंस्करणर्ताओं के साथ अनुबंध खेती, कृषि व्यापार की बड़ी इकाईयों के साथ फारवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करना, इत्यादि क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।

प्रषिक्षण षिविर के समापन समारोह में परियोजना निदेषक डाॅ. ओम प्रकाष द्वारा उध्दृत किया गया कि त्।ब्च् द्वारा क्लस्टर क्षेत्रों में कृषक समूहों का निर्माण किया जाकर, कृषि व्यापार हेतु समूह द्वारा निदेषक मंडलों को नामित किया गया है जिसके फलस्वरूप उक्त निदेषक मंडल समूह का क्लस्टर क्षेत्र में प्रारंभिक आमुखिकरण किया जाकर पाँच दिवसीय गहन प्रषिक्षण आयोजित किया गया है जिसमें कृषि व्यापार की बारीकियों की पूर्ण जानकारी ग्रांट थारर्टन व त्।ब्च् विषय-विषेषज्ञों द्वारा प्रदान की गयी है। प्रषिक्षण पष्चात् भी इन व्यापार समूहों का त्।ब्च् द्वारा निरंतर क्षमतावर्धन जारी रखा जायेगा। कृषक कंपनी द्वारा अपने ही क्लस्टर के कृषकों के कृषि-उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से क्षेत्र के लघु एंव सीमांत कृषकों, महिला-कृषकों तथा अन्य गरीब कृषकों को रोजगार के साधन उपलब्ध होने के साथ-साथ उनके आय में प्रभावी वृद्धि की जा सकेगी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि श्रीमती नीलकमल दरबारी द्वारा अपने उद्बोधन भाषण में उद्धृत किया गया कि राज्य के मंझले व छोटे कृषकों को केन्द्रीत करते हुए ये कृषि उत्पादन कंपनियाँ माननीय प्रधानमंत्री जी की किसानों के आय दुगुनी की जाने के उद्देष्य मंे महत्ती भूमिका का निर्वाहन किया जा सकेगा। उन्होंने इंगित किया कि राज्य सरकार द्वारा करीब 2500 कस्टम हायरिंग संेटर की स्थापना की जा रही है। त्।ब्च् के तहत गठित समस्त कृषि उत्पादन कम्पनी को कृषि-यंत्र कस्टम हायरिंग संेटर  से जोड़ा जाने से क्षेत्र के कृषकों का प्रभावी यंत्र उपलब्ध करवाकर उत्पादन लागत में  प्रभावी की कमी की जा सकेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में मुख्यतः किन्नू पल्पिंग, लहसून पीलिंग व पाउडर तथा बकरी दुध निर्मित चीज (ब्ीममेम) से संबंधित स्टार्ट-अप्स (ैजंतज.नचे) का त्।ब्च् द्वारा कार्य-योजना बनाकर स्थापित किये जायें। उन्होंने निदेषक मंडल सदस्यों से आहृान किया कि पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं दृढ़ इच्छा-षक्ति से इस तरह का कार्य सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जाये जिससे कि अन्य जिलों एवं राज्यों के लोग इसकी प्रेरणा से इस कार्य को और आगे बढ़ायें। उन्होंने विषेषज्ञों का आहृान किया कि त्।ब्च् के तत्वधान में गठित इन सभी कम्पनियों का राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय स्तर के प्रसंस्करण एवं व्यापारिक इकाईयों से प्रभावी जुड़ाव सुनिष्चित किया जाये।

समापन समारोह में त्।ब्च् संयुक्त निदेषक, श्री वी.पी. सिंह, ग्रांट थारर्टन के कार्यकारी निदेषक, श्री वी. पदमानंद तथा कार्यक्रम प्रभारी, श्री राजेन्द्र सिंह खीचड़ द्वारा भी अपने विचार प्रस्तुत किये गये।